आपका शरीर लगातार आपसे बात कर रहा है। बस हमें उन सूक्ष्म संकेतों को सुनने और समझने की आदत डालनी है।
हमारी शहरी जीवनशैली में ऐसे कई छोटे-छोटे संकेत होते हैं, जिन्हें हम अक्सर काम के तनाव या सामान्य थकान मानकर टाल देते हैं। आइए रोजमर्रा के कुछ प्रमुख अनुभवों को समझें:
दोपहर के भारी लंच (जैसे रोटी-सब्जी या चावल) के बाद अचानक नींद आना या ऑफिस के काम पर फोकस न कर पाना। यह शरीर का ऊर्जा को प्रोसेस करने का एक स्वाभाविक तरीका है, लेकिन अगर यह अत्यधिक हो, तो खान-पान के समय पर ध्यान देने की जरूरत है।
शाम के समय घर लौटते हुए या ऑफिस में 4-5 बजे के करीब चाय के साथ बिस्कुट या कुछ मीठा खाने की लगातार इच्छा होना। यह अक्सर दिन में अनियमित भोजन या सुबह नाश्ता छोड़ने का परिणाम होता है।
क्या ट्रैफिक में फँसने पर या मीटिंग लंबी खिंच जाने पर भूख के कारण आपको बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता है? इसे आम बोलचाल में 'Hangry' होना कहते हैं। यह दर्शाता है कि शरीर को समय पर पोषण की आवश्यकता है।
भारत में कम्यूट (सफर) का औसत समय काफी लंबा होता है। सफर की थकान और अनियमित भोजन मिलकर शाम की सुस्ती का एक बड़ा कारण बनते हैं।
नीचे दिए गए बिंदुओं को पढ़ें और सोचें कि क्या आप अपने दैनिक जीवन में इनका अनुभव करते हैं। यह कोई मेडिकल टेस्ट नहीं है, बस खुद को बेहतर समझने का एक शैक्षिक टूल है।
नोट: यदि आपने इनमें से कई बातों पर सहमति जताई है, तो यह अपनी दिनचर्या को थोड़ा व्यवस्थित करने का एक अच्छा संकेत हो सकता है।
यह सामग्री केवल शैक्षिक और जागरूकता हेतु है। Bifeled वेबसाइट किसी बीमारी का परीक्षण, निदान या चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करती है। यहां दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल जीवनशैली की आदतों को समझना है। यदि आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर लगातार परेशानी महसूस होती है, तो हमेशा एक योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।